General Remedies

Q. Whatever I do, remains incomplete?

बुरी नजर से बचने का अचूक उपाय

 

यदि आप अपने घर में किसी की बुरी नजर, हाय से अपने आप को प्रभावित महसूस कर रहे है तथा आपको ऐसा लग रहा है कि इन प्रभावों के चलते आप किसी कार्य में सफल नहीं हो पा रहे हैं, रात-दिन यह विषय आपके लिए चिन्ता का विषय बन गया है तो इस सन्दर्भ में बुरी नजर से बचने का अचूक एवं सफल उपाय हम आपको बताते हैं।
सुबह-शाम जब आप अपने घर में पूजा-पाठ करते है तो पूजा अर्चना करने के पश्चात कर्पूर की ज्योत् से आरती करें, तथा उस ज्योत् में दो लौंग चमेली की तेल में डुबोकर रख दें, तथा उस ज्योति को पूरे घर में घुमाकर बाहर की ओर ले जायें। ऐसा सप्ताह में एक बार तथा महीने में चार बार अवश्य करें। हमारा विश्वास है कि आपके घर पर लगी किसी की बुरी नजर अवश्य हट जाएगी। उपाय निरन्तर करते रहें। आपके घर में सुख-शान्ति बनी रहेगी।

 

आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहने का अचूक उपाय

 

प्रायः यह सुनने को मिलता है कि हमारे घर में सुख-शान्ति नहीं है किसी की बुरी-नज़र लग गयी है तथा घर में अर्जित धन से बचत संग्रह नहीं हो पा रहा है और घर में सुख-शान्ति भी नहीं है तो ऐसी अवस्था में आप कतई परेशान न हों। इस दुःख विपदा से बचने का तथा अपने घर को सुख-समृद्धि युक्त बनाने का अचूक एवं सफल उपाय हम आपको बताते है।
शुक्ल पक्ष में किसी भी दिन अपने घर में एक 27 ✕ 27 ✕ 27 इंच की कल्याणकारी मंगलध्वजा बनाएँ ध्यान रहें कि ध्वजा का रंग केसरिया उसकी किनारी पट्टी लाल रंग की होनी चाहिए, इस ध्वजा के बीचो- बीच लाग रंग की पट्टी से ‘‘ऊँ’’ अवश्य लिखें, तथा अपने मन्दिर में रखकर धूप-दीप, गंगाजल से शुद्ध निर्मित कर उसकी पूजा करें तथा अपने घर की छत पर लगाए, तथा इस कार्य को शुक्ल पक्ष में सूर्योदय के समय ही करें। फिर आप देखें कि परम-पिता परमेश्वर की कृपा दृष्टि आप पर सदा बनी रहेगी। एक आवश्यक तथ्य यह भी है कि यदि आप किसी सामूहिक फ्लोर, फ्लैट में रहते है तो उस अवस्था में घर के मुख्य द्वार पर 9 ✕ 9 ✕ 9 ईंच की कल्याणकारी मंगलध्वजा लगाएँ। हमारा अटूट विश्वास है कि आप समस्त विपदा दुःखों से छुटकारा पा जायेंगें।

 

रोग - कष्ट निवारण अचूक उपाय

 

बड़ी सीधी सी बात है कि घर में अगर कोई व्यक्ति रोगी हो और घर पर किसी प्रकार का कष्ट या संकट आप महसूस कर रहे हों और किसी प्रकार की सफलता नहीं मिल रही है तो आप हताश या निराश न हों बड़ा ही सिद्ध एवं अचूक उपाय हम आपको बताते है।
शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार सुबह उठकर स्नान आदि कर पूजा स्थान पर जब आप अपनी पूजा अर्चना पूर्ण कर लें, तत्पश्चात् हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने एक स्वच्छ ग्लास में पानी रख दें, ध्यान रहे कि ग्लास पूरा भरा न हो तथा उसमें सात बार गंगाजल की अमृत बूँदें डालें तथा एक चम्मच लें तथा हाथ से निरन्तर सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए चम्मच को ग्लास में घुमाते रहें यह प्रक्रिया निरन्तर होनी चाहिए, हाथ बीच में न रूके। जब आप सात बार हनुमान चालीसा पढ़ लेवें। तत्पश्चात घर में जो रोगी है उसको इस जल का चरणाऽमृत देवें, दवाई औषधि भी सुचारू रूप से अपना काम करने लग जायेगी, तथा घर के बाकी सदस्यों को भी देंवें जिसके कारण किसी और सदस्य को कभी कोई दुःख, कष्ट या रोग न हो। इस कल्याणकारी पावन जल को अपने घर में भी छिड़काव कर दें। हमारा विश्वास है कि आप अपने घर से रोग कष्ट दूर करने में सफल होंगे। ध्यान रहे यह उपाय शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार से शुरू कर तीन-सप्ताह ( 21 दिन ) मंगलवार तक अवश्य करें। ऐसा नहीं है कि रोग-कष्ट हों तो ही यह उपाय करें। यह सिद्ध उपाय वैसे भी करना चाहिए।

 

घर में धन-वृद्धि का अचूक उपाय

 

तकरीबन आप देखते है कि घर में कमाई कम होने के कारण आप का मन दुःखी व विचलित रहता है, किसी प्रकार की खुशी में आपका मन नहीं लगता, आप अपने आपको धन की कमी से कमजोर महसूस करते हैं तो अब आप निराश न हों, क्योंकि हम आपको इसका सफल एवं अचूक उपाय बताते है। कृपया पूर्ण निष्ठा एवं ध्यान से इस उपाय को करें।
सावन के महीने में 108 बेलपत्री लेवें तथा उन सभी बेलपत्रियों पर चन्दन से ‘‘ऊँ नमः शिवाय’’ लिख कर सावन के महीने में शिवलिंग पर चढ़ाएँ, यह उपाय पूरे सावन के महीने में करते रहें। भगवान शंकर की आप पर असीम कृपा बनेगी तथा हमारा विश्वास है कि आप सुख-समृद्धि से युक्त होंगें।

 

स्थिर लक्ष्मी का अचूक उपाय

 

लक्ष्मी माता की कृपा के बिना कुछ भी संभव कर पाना मुश्किल है हमारी जरूरतों के अनुसार धन-लक्ष्मी की समय - समय पर जरूरत पड़ती है। क्योंकि हम बिना लक्ष्मी के अपने आपको असहाय महसूस करते है कि घर में पैसा तो आ रहा है पर रूक नहीं रहा है, तो ऐसी अवस्था में सिद्ध स्थिर लक्ष्मी का अचूक उपाय हम आपको बताते हैं।
दीपावली के दिन स्थिर लक्ष्मी का आपके घर में निवास हो उसके लिए सिंह लग्न में लक्ष्मी पूजन एवं कुबेर पूजन करें तथा 108 कमल गट्टे की बनी माला को अभिमंत्रित कर अपने मंदिर में रखें ((ऊँ श्रीम् ह्रींम कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीम् ह्रींम श्रीम् ऊँ महालक्ष्मयै नमः- 108 बार इस मंत्र को कमल गट्टे की माला से जपें)। आप पाऐंगे कि लक्ष्मी माता की असीम कृपा आप पर बनेगी तथा स्थिर लक्ष्मी का आपके घर में निवास होगा।

 

जादू - टोना या टोटके से बचने का अचूक उपाय

 

प्रतिदिन हर तरह की संभव कोशिश करने के बाद भी यदि आपको सफलता नहीं मिल पा रही है और आप अपने आपको असफल महसूस कर रहे हैं तथा आपको इस चीज़ का आभास हो रहा है कि आपके घर पर किसी भी प्रकार का जादू-टोना या किसी के द्वारा किया हुआ टोटका या बुरा काम आपको प्रभावित कर रहा है तो उस अवस्था से बचाव का हम आपको सफल एवं अचूक उपाय बताते हैं।
उपाय सम्बन्धित सामग्री


1. अजवायन - 125 ग्राम
2. काला तिल - 125 ग्राम
3. उड़द साबूत - 125 ग्राम
4. राई - 125 ग्राम
5. लोहवान - 125 ग्राम
इन सभी सामग्री को मोमदस्ता या मिक्सी में पीस कर इकट्ठा मिश्रित कर लेंवें तथा शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार से 31 दिन लगातार यह सामग्री घर में धूमनी के रूप में प्रयोग करें। सामग्री की एक बार पूरे घर में धूमनी देकर घर के बाहर या छत पर रख देवें ध्यान रहे सामग्री 31 दिन में समाप्त करनी है। इस अचूक एवं सफल उपाय से आप अपने घर को एक सुरक्षा कवच प्रदान करेंगें तथा सुख-शान्ति से अपने घर में जीवन-यापन कर सकेंगें इसके साथ-साथ ध्यान रहे कि घर के बाहर मुख्य द्वार पर केसर का स्वास्तिक बनाएँ। हमारा विश्वास है कि आपके घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होगा।

 

संतान प्राप्ति के लिए सफल उपाय

 

यदि घर में संतान सुख नहीं तो कुछ नहीं। संतान की कमी के कारण आप अपने परिवार को अधूरा मानते है तथा किसी प्रकार की दवाई औषधि भी अपना कार्य नहीं कर पा रही तो ऐसी विपदा से बचने का सबसे सफल उपाय यह है कि आप अपने आपको पितर देवता ऋण-दोष से मुक्त करें। प्रायः पितर दोष के कारण ही संतान सुख नहीं मिल पाता। अपने पितरों, पूर्वजों की ऋण मुक्त पूजा अर्चना अपने घर में करें, तथा आप 11  पूर्णमासी ब्राह्मण को भोजन करावें तथा पितरों की पूजा हरिवंश पुराण की कथा तथा गोपालाष्टक जप करवायें, अधिकस्य अधिकं फलं। तथा ब्राह्मण को वस्त्र, फल दान देवें हमारा विश्वास है कि आप संतान सुख को प्राप्त करने में सफल होंगें। यही हम ईश्वर से मंगल कामना करते है।

 

मुकदमा जीतने के अचूक उपाय

 

यदि आप किसी भी प्रकार के कोर्ट-कचहरी या झूठे मुकदमें में लिप्त है जिससे आपका कोई लेना-देना नहीं है तो इस संकट से बचने का सफल एवं अचूक उपाय हम आपको बताते हैं शुक्ल पक्ष में गुरूवार को माता बगलामुखी का हवन पूजन अपने घर में करवाएँ तथा निष्ठापूर्वक गरीब कन्याओं को दान दें। हमारा विश्वास है कि आप अपने मुकदमें में जीत हासिल करने में सफल होंगें, तथा तनावमुक्त जीवन पाऐंगे।

पिरामिड द्वारा ग्रह दोष निवारण का उपाय

पिरामिड स्तम्भलाल स्वास्तिक पिरामिड







जब हम अपना एक घर तैयार करते है तो प्रायः यह सुनने को मिलता है कि आपका घर वास्तु के हिसाब से सही नहीं बना तो उस समय व्यक्ति को बड़ी परेशानी महसूस होती है कि बड़ी मुश्किल से तिनका-तिनका जोड़ कर घर बनाया और अब दोबारा बनाने की स्थिति नहीं है तो ऐसी स्थिति में क्या करें ?
आप निराश न हो ऐसी अवस्था में आप अपने घर में एक पिरामिड स्तम्भ को स्थापित करें। हमारी पृथ्वी ग्रह पर पिरामिड एक मजबूत भवन है जिसको सबसे ज्यादा विश्व शक्ति मिलती है, पिरामिड स्तम्भ (स्टेचू) सामान्यतः बाजार में वास्तु, फेंगशुई की दुकानों पर आसानी से मिल जाता है। हमारा विश्वास है कि पिरामिड स्तम्भ द्वारा आप अपने घर के वास्तु दोष के प्रभाव को कम या समाप्त करने में सफल हो सकते है। इसके कारण आपके घर या आॅफिस में एक अद्भुत ऊर्जा की शक्ति का आगमन होगा। लाल स्वास्तिक पिरामिड ( कम्प्यूटर टेबल अथवा आॅफिस टेबल ) स्वच्छता से आप अपने घर में स्थापित करें। आपको इसका फल सकारात्मक ही मिलेगा।


जीवन में सफलता पाने का उपाय

 

यदि आप किसी कार्य में सफलता प्राप्त नहीं कर पा रहे है और अपने आपको तनावयुक्त महसूस कर रहे है, तो भगवान शिव की अराधना करें तथा उन्हें प्रसन्न करें क्योंकि वो देवों के देव महादेव कल्याणकारी भगवान है। जिन्होंने देवों की रक्षा करने के लिए विष का प्याला तक पी लिया था उस नीलकंठ भगवान की पूजा करें। शुक्ल पक्ष में किसी भी सोमवार को मन्दिर में शिवलिंग पर या घर के मन्दिर में भगवान शिव जी के चित्र के सामने 108 फुल (कमल, गुलाब, गेंदा सामथ्र्य अनुसार) शिव भगवान के 108 नामों का उच्चारण करते हुए एक-एक फूल शिवलिंग या भगवान शिव जी चित्र के सामने समर्पण करें तथा आरती अर्चना कर ऐसा ग्यारह सोमवार करने का संकल्प लें, यदि सामथ्र्य हो तो निरन्तर करते रहें जीवन में मंगल ही मंगल होगा। ध्यान रहे फूल ताजा हो या किसी बगीचे से लावें, क्योंकि किसी भी देवगण, पितर व भगवान को बासी फूल नहीं चढ़ाने चाहिए, आप इस उपाय के द्वारा अपने आपको सफल बना सकते है। यदि आपके घर के आसपास मन्दिर में पारद शिवलिंग हो तो इस उपाय का आपको सौ-गुणा फल प्राप्त होगा।

भगवान शिव के 108 नाम

1. ऊँ शिवाय नमः 57. ऊँ हिरण्यरेतसे नमः
2. ऊँ महेश्वराय नमः 58. ऊँ दुर्षाय नमः
3. ऊँ शम्भवे नमः 59. ऊँ गिरीशाय नमः
4. ऊँ पिनाकने नमः 60. ऊँ गणनाथाय नमः
5. ऊँ शशिशेखराय नमः 61. ऊँ अनघाय नमः
6. ऊँ वामदेवाय नमः 62. ऊँ भुजंगभूषणाय नमः
7. ऊँ विरूपाक्षाय नमः 63. ऊँ भर्गाय नमः
8. ऊँ कपर्दिने नमः 64. ऊँ गिरिध्न्वने नमः
9. ऊँ नीललोहिताय नमः 65. ऊँ गिरिप्रियाय नमः
10. ऊँ शंकराय नमः 66. ऊँ अष्टमूत्र्तये नमः
11. ऊँ शूलपाणये नमः 67. ऊँ अनेकात्मने नमः
12. ऊँ खट्वांगिने नमः 68. ऊँ सात्त्विकाय नमः
13. ऊँ विष्णुवल्लभाय नमः 69. ऊँ शुभविग्रहाय नमः
14. ऊँ शिपिविष्टाय नमः 70. ऊँ शा श्वताय नमः
15. ऊँ अम्बिकानाथाय नमः 71. ऊँ खण्डपरशवे नमः
16. ऊँ श्रीकण्ठाय नमः 72. ऊँ अजाय नमः
17. ऊँ भत्तफवत्सलाय नमः 73. ऊँ पाशविमोचकाय नमः
18. ऊँ भवाय नमः 74. ऊँ कृत्तिवाससे नमः
19. ऊँ शर्वाय नमः 75. ऊँ पुरारातये नमः
20. ऊँ त्रिलोकीशाय नमः 76. ऊँ भगवते नमः
21. ऊँ शितिकण्ठाय नमः 77. ऊँ प्रमथाध्पिाय नमः
22. ऊँ शिवाप्रियाय नमः 78. ऊँ मृत्युंज्याय नमः
23. ऊँ उग्राय नमः 79. ऊँ सूक्ष्मतनवे नमः
24. ऊँ कपालिने नमः 80. ऊँ जगद्व्यापिने नमः
25. ऊँ कामारये नमः 81. ऊँ जगद्गुरवे नमः
26. ऊँ अन्ध्कासुरसूदनाय नमः 82. ऊँ व्योमकेशाय नमः
27. ऊँ गंगाध्राय नमः 83. ऊँ महासेनाय नमः
28. ऊँ ललाटाक्षाय नमः 84. ऊँ जनकाय नमः
29. ऊँ कालकालाय नमः 85. ऊँ चारूविक्रमाय नमः
30. ऊँ कृपानिध्ये नमः 86. ऊँ रूद्राय नमः
31. ऊँ भीमाय नमः 87. ऊँ भूतपतये नमः
32. ऊँ परशुहस्ताय नमः 88. ऊँ स्थाणवे नमः
33. ऊँ मृगपाणये नमः 89. ऊँ अहिर्बुघ्न्याय नमः
34. ऊँ जटाध्राय नमः 90. ऊँ दिगम्बराय नमः
35. ऊँ कैलासवासिने नमः 36. ऊँ कवचिने नमः
36. ऊँ कवचिने नमः 92. ऊँ पशुपतये नमः
37. ऊँ कठोराय नमः 93. ऊँ देवाय नमः
38. ऊँ त्रिपुरान्तकाय नमः< 94. ऊँ महादेवाय नमः
39. ऊँ वृषाकांय नमः 95. ऊँ अव्ययाय नमः
40. ऊँ वृषभारूढ़ाय नमः 96. ऊँ हरये नमः
41. ऊँ भस्मोलितविग्रहाय नमः 97. ऊँ पुष्पदन्तभिदे नमः
42. ऊँ सामप्रियाय नमः 98. ऊँ भगनेत्राभिदे नमः
43. ऊँ स्वरमयाय नमः 99. ऊँ अपवर्गप्रदाय नमः
44. ऊँ त्रिमूत्र्तये नमः  100. ऊँ अव्यग्राय नमः
45. ऊँ अ िश्वनी श्वराय नमः 101. ऊँ अव्यत्तफाय नमः
46. ऊँ सर्वज्ञाय नमः 102. ऊँ अनन्ताय नमः
47. ऊँ परमात्मने नमः 103. ऊँ दक्षाध्वरहराय नमः
48. ऊँ सोमसूऊँर्याग्निलोचनाय नमः 104. ऊँ सहस्राक्षाय नमः
49. ऊँ हविषे नमः 105. ऊँ तारकाय नमः
50. ऊँ यज्ञमयाय नमः 106. ऊँ हराय नमः
51. ऊँ पंचवक्त्राय नमः 107. ऊँ सहस्रपदे नमः 
52. ऊँ सदाशिवाय नमः 108. ऊँ श्रीपरमे श्वराय नमो नमः
53. ऊँ विश्वे श्वराय नमः
54. ऊँ वीरभद्राय नमः
55. ऊँ गणनाथाय नमः
56. ऊँ प्रजापतये नमः

 

 

 

 

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